Friday, August 24, 2012

अंक - 21


कचरा गिरा
घायल हुई झील
सिमट गई

-रचना श्रीवास्तव




चाँद चढ़ा तो
चिड़िया-सी चाँदनी
उड़ती फिरी

- डा० सरस्वती माथुर



मेरा बयान
भरी अदालत में
गूँजती चीख

-हरेराम समीप



उड़ जायेगा
तोड़ सब बंधन
ये अंतर्मन

-अर्बुदा पाल



बिक गए वो
खुद पे नाज़ वाले
मुस्कुराने से

-स्वाति भालोटिया



सत्य की आँधी
उड़ाती है झूठ को
किश्तों किश्तों में

-राजीव नसीब





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