Thursday, July 26, 2012

अंक 20


डा० राजकुमार पाटिल की हाइकु कविताएँ --


सौंधी महक
बादल का शावर
धरा नहाई


रजाईयों ने
हाथ पैर फैलायें
जाड़ा आ गया



भूखें बच्चों को
क्यों खिलौने दिखाए
खिलौने वाला


आँखों पे रखा
नन्ही उंगलियों को
जीवन छुआ


-डा० राजकुमार पाटिल

No comments: