Sunday, May 01, 2011

अंक- 02

* हाइकु दर्पण के इस अंक में पढ़िये त्रिलोक सिंह ठकुरेला के हाइकु।


पूछती रही
मानवता का पता
व्याकुल नदी ।

* प्रोफेसर सत्यभूषण वर्मा का ऐतिहासिक वक्तव्य " हाइकु क्या"  है --
 

हाइकु क्या है - प्रोफेसर सत्यभूषण वर्मा

2 comments:

Mrs. Asha Joglekar said...

बहुत सुंदर ।

ana said...

बहुत सुंदर ।