हाइकु दर्पण के इस अंक में प्रस्तुत हैं पत्रकार एवं साहित्यकार " डा० वीरेन्द्र आज़म " की हाइकु कविताएँ -
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निकली धूप
तो किया मेकअप
दरख्त़ों ने भी ।
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