Sunday, May 29, 2011

अंक - 6 दीवार उठी / आँगन से पहले / चुप मन में -( आर. पी. शुक्ल)

2 comments:

डा० व्योम said...

सुन्दर

त्रिलोक सिंह ठकुरेला said...

श्री आर पी शुक्ल जी के इस हाइकु में वर्तमान समय के रिश्तों में आई दूरियों का सजीव चित्रण है।